Posts tagged बगलामुखी

Pitambara Baglamukhi Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi ( Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra )

2

Pitambara Baglamukhi Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi ( Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra ) Devi Pitambara Peeth Photo

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

।। भगवती पीताम्बरा के अष्टाक्षर मंत्र का महात्म्य ।।

भगवती बगलामुखी (पीताम्बरा ) के इस मंत्र का अनुष्ठान चतुराक्षर मंत्र के अनुष्ठान के बाद किया जाता हैा भगवती का यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली एवं चमत्कारी हैा इसकी महिमा को बताने के लिए अपने एक शिष्य के अनुभव को यहां लिख रहा हूं – मेरे एक शिष्य को बहुत प्रयास करने के बाद भी कहीं कोई नौकरी नही मिल रही थी। बहुत अच्छी डिग्रियां हाने के बाद भी सभी जगह से उसे निराशा ही हाथ लग रही थी। तब मैनें उसे इस मंत्र का एक अनुष्ठान करने को कहा । उसने विधिवत अनुष्ठान शुरू किया और एक सप्ताह बाद ही उसका बहुत बड़ी कम्पनी में चयन हो गया। यह तो बस एक छोटा सा अनुभव है। इसके अलावा ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें प्रेत बाधा, शत्रु बाधा, नौकरी, पारिवार में कलह, व्यवसाय में असफलता, विवाह, संतान ना होना, आदि समस्याओं में ऐसे परिणाम मिले हैं कि कोई साधारण मनुष्य तो विश्वास भी नही करेगा। साधको के हितार्थ भगवती के अष्ठाक्षर मंत्र का विधान दे रहा हूं – (कृपया दीक्षित साधक ही इसका जप करें। जिनकी दीक्षा नही हुई है वो सबसे पहले दीक्षा ग्रहण करें )

Importance of Baglamukhi (Pitambara) Ashtakshara Mantra

Anusthaan of Baglamukhi Ashtakshara Mantra is done after Chaturakshara Mantra. This mantra of ma baglamukhi is said to be very effective and powerful. To explain its importance i am giving you experience of one of my disciple. One of my disciple was jobless and after trying hard he was not getting any job. He was well qualified still could not get success. I asked him to do one anusthan of baglamukhi asthakshara mantra. He started as per my instruction and you won’t believe that just after one week he got selected in one of the best mnc. It is one of the example. There were lots of other people who were affected by black magic and were facing other problems in their Jobs, career, family etc and they got immense success after this mantra. Here i am giving you detailed information about baglamukhi ashtakshara mantra. (Only Baglamukhi Dikshit (initiated in baglamukhi) can do chanting of this mantra. If you are not initiated then first get initiated in baglamukhi mantra)

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit www.yogeshwaranand.org or www.baglamukhi.info

Download Baglamukhi Ashtakshar Mantra Sadhana in Hindi

Please click here to subscribe for the monthly magazine

(more…)

Baglamukhi Chaturakshara Mantra Evam Pooja Vidhi in Hindi Pdf बगलामुखी (पीताम्बरा) चतुरक्षर मंत्र

1

Baglamukhi Chaturakshara Mantra Evam Puja Vidhi in Hindi Pdf बगलामुखी (पीताम्बरा) चतुरक्षर मंत्र

भगवती बगलामुखी (पीताम्बरा) के इस मंत्र का अनुष्ठान बीज मंत्र  ( हल्रीं )  के अनुष्ठान के बाद किया जाता हैा ऐसा देखा गया है कि बीज मंत्र का अनुष्ठान तो साधक बिना किसी समस्या के कर लेते हैं, लेकिन चतुरक्षर के अनुष्ठान में उन्हें थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। समस्या से यहां तात्पर्य भगवती द्वारा ली जाने वाली परीक्षा से है। इस मंत्र में कई बार ऐसी परिस्थिति पैदा हो जाती है कि आपका अनुष्ठान बीच में ही छूट जाये, जैसे कहीं अचानक बाहर जाना पड़ जाये अथवा किसी काम में इतनी अधिक व्यस्तता हो जाये कि उस दिन के निर्धारित जप करने का समय ना मिले इत्यादि, लेकिन साधको को किसी भी परिस्थिति में किसी भी दिन जप नही छोड़ना है । यदि किसी कारण वश बाहर जाना भी पड़ भी जाये तो वही पर जाकर अपना जप पूर्ण करें एवं भगवती से क्षमा प्रार्थना करें । यदि आपने यह अनुष्ठान एक बार पूर्ण कर लिया तो भगवती की कृपा को प्राप्त करने से आपको कोई नही रोक सकता । भगवती पर विश्वास रखें एवं नियमित रूप से अपना जप करते रहें, आपको सफलता अवश्य मिलेगी ।

Baglamukhi Chaturakshara Mantra Pooja Vidhi in English

Anusthaan of Baglamukhi Chaturakshara Mantra is done after completing anusthaan of Baglamukhi Beej Mantra “HLREEM”. We have seen that sadhak easily completes  baglamukhi beej mantra anusthaan but they face difficulty while doing chaturakshara mantra anusthaan. Here difficulty means that ma baglamukhi takes exam of the sadhak during anusthaan. Sometime Devi baglamukhi will create a situation where you will not be able to do mantra jaap on a particular day. It could be due to your busy schedule or you may have to go out station for some work but remember that ma baglamukhi is taking your exam and you have to pass it to get her blessings. In any situation you have to complete your decided mantra jaap for each day. For example if you have taken sankalpa to do 125000 mantras (1250 Malas) in 21 days then you have to do 60 Malas (Rosary) per day. As per the rule of the anusthaan you can not leave your pooja any single day nor you can decrease the number of Malas (Rosary). Everyday you have to do 60 malas in any situation. So sadhak should complete these mantra jaap everyday. In any case if you are out of station then you should apologize in front ma and you should complete your mantra jaap at that location. Once you complete this anusthaan that no body can stop you to take blessings of ma baglamukhi. Have faith on Ma and continue your pooja everyday, you will definitely get the success.

Benefits of Devi Baglamukhi Puja

  • To win court cases (If you are victim of false court cases.)
  • To remove black magic / bhoot-pret/upri badha
  • To win enemies
  • To create happiness in family.
  • To remove graha dosha/ remove malefic effects of plantes.
  • To

For Astrology, Mantra Diksha & Sadhana Guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more info visit www.baglamukhi.info or www.yogeshwaranand.org

Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra Puja, Sadhna Evam Siddhi in Hindi and Sanskrit Pdf

View Baglamukhi Chaturakshara Mantra Sadhana Vidhi on Google

Please click here to subscribe for the monthly magazine

(more…)

Baglamukhi Beej Mantra Evam Puja Sadhna Vidhi

3

Baglamukhi Beej Mantra Evam Puja Sadhna Vidhi (बगलामुखी साधना विधि )

Devi Baglamukhi Pitambara

Download Baglamukhi Mantra Avam Sadhna Vidhi in Hindi

भगवती बगलामुखी  के इस मंत्र को महामंत्र के नाम से जाना जाता हैा ऐसा कहा जाता है कि भगवती बगलामुखी की उपासना करने वाले साधक के सभी कार्य बिना व्यक्त किये पूर्ण हो जाते हैं और जीवन की हर बाधा को वो हंसते हंसते पार कर जाते हैं।   मैनें स्वयं अपने जीवन में अनेको चमत्कार देखें हैं, जिनको सुनकर कोई भी यकीन नही करेगा लेकिन भगवती पीताम्बरा अपने भक्तों के ऊपर ऐसे ही कृपा करती हैं।  एकाक्षरी मंत्र माँ पीताम्बरा का बीज मंत्र है, इसके जप के बिना माँ पीताम्बरा की साधना पूर्ण नही होती । माँ पीताम्बरा की साधना इसी बीज मंत्र से प्रारम्भ होती है, एवं साधको को बीज मंत्र का नियमित रूप से कम से कम 21 माला का जप अवश्य करना चाहिए,  क्योंकि  बीज मंत्र में ही देवता के प्राण होते हैं।  जिस प्रकार बीज के बिना वृक्ष की कल्पना नही की जा सकती उसी तरह बीज मंत्र के जप के बिना साधना में सफलता के बारे में सोचना भी व्यर्थ है। भगवती की सेवा केवल मंत्र जप से ही नही होती है बल्कि उनके नाम का गुणगान करने से भी होती है । जिस प्रकार नारद ऋषि हर पल भगवान विष्णु का नाम जपते थे, उसी प्रकार सुधी साधको को माँ पीताम्बरा का नाम जप हर पल करना चाहिए एवं अन्य लोगो को भी उनके नाम की महिमा के बारे में बताना चाहिए । मैंने  अपने जीवन का केवल एक ही उद्देश्य बनाया है कि माँ पीताम्बरा के नाम को हर व्यक्ति तक पहुंचाना हैा आप सब भी यदि माँ की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो आज से ही भगवती के एकाक्षरी मंत्र को अपने जीवन में उतार लीजिए एवं माँ के नाम एवं उनकी महिमा का अधिक से अधिक प्रचार करना शुरू कर दीजिए। साधको के हितार्थ भगवती के बीज मंत्र की जानकारी यहां दे रहा हूँ, भगवती पीताम्बरा आप सब पर कृपा करें । 

(चेतावनी – बिना मंत्र दीक्षा के भगवती बगलामुखी के मंत्रों का जप नहीं करना चाहिए।)

For Ma Baglamukhi Mantra diksha and sadhna guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or sumitgirdharwal@yahoo.com. Call us on 9410030994, 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji). Visit our website for more information –

Baglamukhi Tarpan Vidhi, Baglamukhi Marjan Vidhi is also given in the article

Download Baglamukhi Mantra Avam Sadhna Vidhi in Hindi

View Baglamukhi Beej Mantra Sadhana Evam Pooja Vidhi on Google

Please click here to subscribe for the monthly magazine

(more…)

Introduction of Eighth Mahavidya Baglamukhi in Hindi महाविद्या बगलामुखी परिचय हिंदी में

0

Introduction of Dus Mahavidya Baglamukhi in Hindi

अष्टम  महाविद्या बगलामुखी का  परिचय हिंदी में

For ma baglamukhi mantra diksha and sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or sumitgirdharwal@yahoo.com. Call on 9917325788(Shri Yogeshwaranand Ji) or 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji). For more information visit www.yogeshwaranand.org 

Click Here to Download Introduction of Eighth Mahavidya Baglamukhi in Hindi

                                            Please click here to subscribe for the monthly magazine

Baglamukhi Information in Hindi

भगवती बगला सुधा-समुद्र के मध्य में स्थित मणिमय  मण्डप में रत्नवेदी पर रत्नमय सिंहासन पर विराजती हैं।  पीतवर्णा होने के कारण ये पीत रंग के ही वस्त्र, आभूषण व माला धारण किये हुए हैं।इनके एक हाथ में शत्रु की  जिह्वा और दूसरे हाथ में मुद्गर  है। व्यष्टि रूप में शत्रुओं का नाश करने वाली और समष्टि रूप में परम ईश्वर की सहांर-इच्छा की अधिस्ठात्री शक्ति बगला है।

श्री प्रजापति ने बगला उपासना वैदिक रीती से की और वे सृस्टि की संरचना करने में सफल हुए। श्री प्रजापति ने इस विद्या का उपदेश सनकादिक मुनियों को दिया।  सनत्कुमार ने इसका उपदेश श्री नारद को और श्री नारद ने सांख्यायन परमहंस को दिया, जिन्होंने छत्तीस पटलों में “बगला तंत्र” ग्रन्थ की रचना की। “स्वतंत्र तंत्र” के अनुसार भगवान् विष्णु इस विद्या के उपासक हुए। फिर श्री परशुराम जी और आचार्य द्रोण इस विद्या के उपासक हुए। आचार्य द्रोण ने यह विद्या परशुराम जी से ग्रहण की।

baglamukhi mantra in hindi

श्री बगला महाविद्या ऊर्ध्वाम्नाय के अनुसार ही उपास्य हैं, जिसमें स्त्री (शक्ति) भोग्या नहीं बल्कि पूज्या है। बगला महाविद्या “श्री कुल” से सम्बंधित हैं और अवगत हो कि श्रीकुल की सभी महाविद्याओं की उपासना अत्यंत सावधानी पूर्वक गुरु के मार्गदर्शन में शुचिता बनाते हुए, इन्द्रिय निग्रह पूर्वक करनी चाहिए। फिर बगला शक्ति तो अत्यंत तेजपूर्ण शक्ति हैं, जिनका उद्भव ही स्तम्भन हेतु हुआ था। इस विद्या के प्रभाव से ही महर्षि  च्यवन ने इंद्र के वज्र को स्तंभित कर दिया था। श्रीमद् गोविंदपाद की समाधि में विघ्न डालने से रोकने के लिए आचार्य श्री शंकर ने रेवा नदी का स्तम्भन इसी महाविद्या के प्रभाव से किया था। महामुनि श्री निम्बार्क ने कस्सी ब्राह्मण को इसी विद्या के प्रभाव से नीम के वृक्ष पर, सूर्यदेव का दर्शन कराया था। श्री बगलामुखी को “ब्रह्मास्त्र विद्या” के नामे से भी जाना जाता है।  शत्रुओं का दमन और विघ्नों का शमन करने में विश्व में इनके समकक्ष कोई अन्य देवता नहीं है।

भगवती बगलामुखी को स्तम्भन की देवी कहा गया है।  स्तम्भनकारिणी शक्ति नाम रूप से व्यक्त एवं अव्यक्त सभी पदार्थो की स्थिति का आधार पृथ्वी के रूप में शक्ति ही है, और बगलामुखी उसी स्तम्भन शक्ति की अधिस्ठात्री देवी हैं।  इसी स्तम्भन शक्ति से ही सूर्यमण्डल स्थित है, सभी लोक इसी शक्ति के प्रभाव से ही स्तंभित है।  अतः साधक गण को चाहिये कि ऐसी महाविद्या कि साधना सही रीति व विधानपूर्वक ही करें।

अब हम साधकगण को इस महाविद्या के विषय में कुछ और जानकारी देना आवश्यक समझते है, जो साधक इस साधना को पूर्ण कर, सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें इन तथ्यो की जानकारी होना अति आवश्यक है।

1 ) कुल : – महाविद्या बगलामुखी “श्री कुल” से सम्बंधित है।

2 ) नाम : – बगलामुखी, पीताम्बरा , बगला , वल्गामुखी , वगलामुखी , ब्रह्मास्त्र विद्या

3 ) कुल्लुका : – मंत्र जाप से पूर्व उस मंत्र कि कुल्लुका का न्यास सिर में किया जाता है। इस विद्या की कुल्लुका “ॐ हूं छ्रौम्” (OM HOOM Chraum)

4)  महासेतु  : – साधन काल में जप से पूर्व ‘महासेतु’ का जप किया जाता है।  ऐसा करने से लाभ यह होता है कि साधक प्रत्येक समय, प्रत्येक स्थिति में जप कर सकता है।  इस महाविद्या का महासेतु “स्त्रीं” (Streem)  है।  इसका जाप कंठ स्थित विशुद्धि चक्र में दस बार किया जाता है।

5)  कवचसेतु :- इसे मंत्रसेतु भी कहा जाता है।  जप प्रारम्भ करने से पूर्व इसका जप एक हजार बार किया जाता है।  ब्राह्मण व छत्रियों के लिए “प्रणव “, वैश्यों  के लिए “फट” तथा शूद्रों के लिए “ह्रीं” कवचसेतु  है।

6 ) निर्वाण :-  “ह्रूं ह्रीं श्रीं” (Hroom Hreem Shreem) से सम्पुटित मूल मंत्र का जाप ही इसकी निर्वाण विद्या है। इसकी दूसरी विधि यह है कि पहले प्रणव कर, अ , आ , आदि स्वर तथा क, ख , आदि व्यंजन पढ़कर मूल मंत्र पढ़ें और अंत में “ऐं” लगाएं और फिर विलोम गति से पुनरावृत्ति करें।

7 ) बंधन :- किसी विपरीत या आसुरी बाधा को रोकने के लिए इस मंत्र का एक हजार बार जाप किया जाता है। मंत्र इस प्रकार है ” ऐं ह्रीं ह्रीं ऐं ” (Aim Hreem Hreem Aim)

8) मुद्रा :- इस विद्या में योनि मुद्रा का प्रयोग किया जाता है।

9) प्राणायाम : –  साधना से पूर्व दो मूल मंत्रो से रेचक, चार मूल मंत्रो से पूरक तथा दो मूल मंत्रो से कुम्भक करना चाहिए। दो मूल मंत्रो से रेचक, आठ मूल मंत्रो से पूरक तथा चार मूल मंत्रो से कुम्भक करना और भी अधिक लाभ कारी है।

10 ) दीपन :-  दीपक जलने से जैसे रोशनी हो जाती है, उसी प्रकार दीपन से मंत्र प्रकाशवान हो जाता है। दीपन करने हेतु मूल मंत्र को योनि बीज ” ईं ” ( EEM ) से संपुटित कर सात बार जप करें

11) जीवन अथवा प्राण योग : – बिना प्राण अथवा जीवन के मन्त्र निष्क्रिय होता है,  अतः मूल मन्त्र के आदि और अन्त में माया बीज “ह्रीं” (Hreem) से संपुट लगाकर सात बार जप करें ।

12 ) मुख शोधन : –  हमारी जिह्वा अशुद्ध रहती है, जिस कारण उससे जप करने पर लाभ के स्थान पर हानि ही होती है। अतः “ऐं ह्रीं  ऐं ” मंत्र से दस बार जाप कर मुखशोधन करें

13 ) मध्य दृस्टि : – साधना के लिए मध्य दृस्टि आवश्यक है। अतः मूल मंत्र के प्रत्येक अक्षर के आगे पीछे “यं” (Yam) बीज का अवगुण्ठन कर मूल मंत्र का पाँच बार जप करना चाहिए।

14 ) शापोद्धार : – मूल मंत्र के जपने से पूर्व दस बार इस मंत्र का जप करें –
” ॐ हलीं बगले ! रूद्र शापं विमोचय विमोचय ॐ ह्लीं स्वाहा ”

(OM Hleem Bagale ! Rudra Shaapam Vimochaya Vimochaya  OM Hleem Swaahaa )

15 ) उत्कीलन : – मूल मंत्र के आरम्भ में ” ॐ ह्रीं स्वाहा ” मंत्र का दस बार जप करें।

16 ) आचार :-  इस विद्या के दोनों आचार हैं, वाम भी और दक्षिण भी ।

17 ) साधना में सिद्धि प्राप्त न होने पर उपाय : –  कभी कभी ऐसा देखने में आता हैं कि बार बार साधना करने पर भी सफलता हाथ नहीं आती है। इसके लिए आप निम्न वर्णित उपाय करें –

a) कर्पूर, रोली, खास और चन्दन की स्याही से, अनार की कलम से भोजपत्र पर वायु बीज “यं” (Yam) से मूल मंत्र को अवगुण्ठित कर, उसका षोडशोपचार पूजन करें। निश्चय ही सफलता मिलेगी।

b) सरस्वती बीज “ऐं” (Aim)  से मूल मंत्र को संपुटित कर एक हजार जप करें।

c)  भोजपत्र पर गौदुग्ध से मूल मंत्र लिखकर उसे दाहिनी भुजा पर बांध लें। साथ ही मूल मंत्र को “स्त्रीं” (Steem)  से सम्पुटित कर उसका एक हजार जप करें

18 ) विशेष : – गंध,पुष्प, आभूषण, भगवती के सामने रखें। दीपक देवता के दायीं ओर व धूपबत्ती बायीं ओर रखनी चाहिए। नैवेद्य (Sweets, Dry Fruits ) भी देवता के दायीं ओर ही रखें। जप के उपरान्त आसन से उठने से पूर्व ही अपने द्वारा किया जाप भगवती के बायें हाथ में समर्पित कर दें।

अतः ऐसे साधक गण जो किन्ही भी कारणो से यदि अभी तक साधना में सफलता प्राप्त नहीं कर सकें हैं, उपर्युक्त निर्देशों का पालन करते हुए पुनः एक बार फिर संकल्प लें, तो निश्चय ही पराम्बा पीताम्बरा की कृपा दृस्टि उन्हें प्राप्त होगी – ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है।

Other articles on Mantra Tantra Sadhana in Hindi

All the articles on Mantra Tantra Sadhana

1. Baglamukhi Puja Vidhi in English (Ma Baglamukhi Pujan Vidhi)

2. Dus Mahavidya Tara Mantra Sadhana Evam Siddhi

3. Baglamukhi Pitambara secret mantras by Shri Yogeshwaranand Ji

4. Bagalamukhi Beej Mantra Sadhana Vidhi

5. Baglamukhi Pratyangira Kavach

6. Durga Shabar Mantra

7. Orignal Baglamukhi Chalisa from pitambara peeth datia

8. Baglamukhi kavach in Hindi and English

9. Baglamukhi Yantra Puja

10. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

11. Dusmahavidya Dhuamavai (Dhoomavati) Mantra Sadhna Vidhi 

12. Mahashodha Nyasa from Baglamukhi Rahasyam Pitambara peeth datia

13. Mahamritunjaya Mantra Sadhana Vidhi in Hindi and Sanskrit

14. Very Rare and Powerful Mantra Tantra by Shri Yogeshwaranand Ji

15. Mahavidya Baglamukhi Sadhana aur Siddhi

16. Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra 

17. Baglamukhi Sahasranamam

18. Dusmahavidya Mahakali Sadhana

19. Shri Balasundari Triyakshari Mantra Sadhana

20. Sri Vidya Sadhana

21. Click Here to Download Sarabeswara Kavacham

22. Click Here to Download Sharabh Tantra Prayoga

23. Click Here to Download Swarnakarshan Bhairav Mantra Sadhana Vidhi By Gurudev Shri Yogeshwaranand Ji

34. Download Mahakali Mantra Tantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

35. Download Twenty Eight Divine Names of Lord Vishnu in Hindi Pdf

36. Download Shri Hanuman Vadvanal Stotra in Hindi Sanskrit and English Pdf

37. Download Shri Narasimha Gayatri Mantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

38. Download Santan Gopal Mantra Vidhi in Hindi and Sanskrit  Pdf

39. Download Shabar Mantra Sadhana Vidhi in Hindi Pdf

40. Download sarva karya siddhi hanuman mantra in hindi

41. Download Baglamukhi Hridaya Mantra in Hindi Pdf

42. Download Baglamukhi Mantra Avam Sadhna Vidhi in Hindi

43. Download Shiva Shadakshari Mantra Sadhna Evam Siddhi ( Upasana Vidhi)

44. Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

45. Download Aghorastra Mantra Sadhna Vidhi in Hindi & Sanskrit  Pdf

46. Download Shri Lalita Tripura Sundari khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi Pdf

47. Download Sarva Karya Siddhi Saundarya Lahri Prayoga in Hindi Pdf

48. Download Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi  Pdf in Hindi & Sanskrit

49. Download Param Devi Sukt of Ma Tripursundari Mantra to attract Money & Wealth

50. Download Very Powerful Hanuman Mantra Sadhna and Maruti Kavach in Hindi Pdf

51. Download Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram

52. Download Magha Gupta Navaratri 2015 Puja Vidhi and Panchanga

53. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

54. Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

55. Download Baglamukhi Ashtakshar Mantra Sadhana in Hindi

56. Download Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra for Wealth & Money

57. Download Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri 12 August 2015 Shiv Puja Vidhi in Hindi Pdf

58. Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi in Hindi

59. Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

Go to Top